By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1जाबिर हुसैन और सालिम अली के बारे में जानना
  • 2सालिम अली का पक्षी-विज्ञान में योगदान समझना
  • 3तहमीना की प्रेरणा का महत्व
  • 4पर्यावरण-संरक्षण के संघर्षों (सायलेंट वैली, भरतपुर) से परिचय
  • 5श्रद्धांजलि-लेख की शैली
  • 6'साँवले सपने' का प्रतीकात्मक अर्थ
💡
Why this chapter matters
यह श्रद्धांजलि-लेख प्रकृति-संरक्षण और जैव-विविधता का संदेश देता है। सालिम अली का जीवन प्रेरणादायक है — जलवायु संकट के युग में और भी प्रासंगिक।

Before you start — revise these

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साँवले सपनों की याद — कक्षा 9 हिन्दी

1. पाठ परिचय

'साँवले सपनों की याद' एक श्रद्धांजलि लेख है जिसे जाबिर हुसैन ने भारत के विश्व-प्रसिद्ध पक्षी-विज्ञानी डॉ. सालिम अली (1896-1987) की मृत्यु पर लिखा है। सालिम अली को 'बर्ड मैन ऑफ इंडिया' (पक्षियों का व्यक्ति) कहा जाता है।

मुख्य विषय

  • सालिम अली का जीवन और पक्षी-विज्ञान में योगदान
  • उनकी पत्नी तहमीना का प्रकृति-प्रेम
  • पर्यावरण और जैव-विविधता संरक्षण
  • आधुनिक मनुष्य का प्रकृति से कटाव

2. लेखक — जाबिर हुसैन

  • जन्म: 1945
  • बिहार के साहित्यकार
  • पत्रकार, लेखक, गद्य-शिल्पी
  • सरल भाषा-शैली
  • सामाजिक मुद्दों पर लेखन

3. सालिम अली — जीवन परिचय

  • जन्म: 12 नवंबर 1896, मुंबई
  • मृत्यु: 20 जून 1987
  • पत्नी: तहमीना
  • उपाधि: बर्ड मैन ऑफ इंडिया
  • पुरस्कार: पद्मविभूषण (1976)

पक्षी-विज्ञान में योगदान

  • 'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' (1941) — हिंदुस्तानी पक्षियों की पहचान
  • भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी की रक्षा
  • सायलेंट वैली की रक्षा
  • पक्षियों के अनुसंधान में 60+ वर्ष

4. पाठ का सारांश

लेखक श्रद्धांजलि के रूप में सालिम अली की स्मृतियाँ साझा करते हैं:

तहमीना का प्रभाव

सालिम अली की पत्नी तहमीना ने प्रकृति-प्रेम जगाया। एक दूरबीन (फील्ड ग्लास) सालिम अली को भेंट की — वही दूरबीन उन्हें पक्षी-निरीक्षक बनाने में सहायक हुई।

प्रकृति से एकाकार

सालिम अली कीराडुंगरी (केरल) के जंगलों में दिन-दिन भर रहते। पक्षियों को देखते, उनकी आदतें नोट करते। उनके लिए पक्षी 'मित्र' थे।

पर्यावरण-संघर्ष

सायलेंट वैली (कुंदाली नदी पर बाँध) के विरुद्ध संघर्ष किया। बाँध रुक गया। भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी की रक्षा की।

अंत

सालिम अली का देहांत 91 वर्ष की आयु में हुआ। उनकी विरासत — पक्षियों के लिए असीम प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा।


5. पाठ का संदेश

  1. प्रकृति-प्रेम महान गुण है।
  2. जैव-विविधता संरक्षण हमारी ज़िम्मेदारी।
  3. एक व्यक्ति का जुनून सामाजिक परिवर्तन ला सकता है।
  4. पत्नी की प्रेरणा से जीवन बदल सकता है।
  5. 'साँवले सपने' = प्रकृति के सपने, जो आधुनिक मनुष्य भूल गया है।

6. साहित्यिक विशेषताएँ

  • संस्मरण-शैली
  • भावपूर्ण भाषा
  • तत्सम-तद्भव-उर्दू शब्दों का मिश्रण
  • ग़ज़ल-शायरी जैसा प्रभाव

7. प्रासंगिकता

आज जलवायु परिवर्तन और जैव-विविधता के संकट में सालिम अली का संदेश और भी प्रासंगिक है। पक्षियों, वनस्पतियों, प्रकृति की रक्षा हम सबकी ज़िम्मेदारी।

Key formulas & results

Everything you need to memorise, in one card. Screenshot this for revision.

लेखक
जाबिर हुसैन — बिहार के साहित्यकार
जन्म 1945
श्रद्धांजलि-पात्र
डॉ. सालिम अली (1896-1987) — 'बर्ड मैन ऑफ इंडिया'
पद्मविभूषण 1976
पत्नी
तहमीना — सालिम अली को दूरबीन भेंट करके पक्षी-निरीक्षण की प्रेरणा दी
जीवन-साथी
प्रमुख कृति
'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' (1941)
हिंदुस्तानी पक्षियों की पहचान
पर्यावरण-संघर्ष
सायलेंट वैली परियोजना रोकी + भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी की रक्षा
दो प्रमुख जीतें
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
सालिम अली का जन्म-स्थान गलत बताना
मुंबई में जन्म (12 नवंबर 1896)। केरल में जंगल-यात्राएँ कीं।
WATCH OUT
तहमीना के योगदान को नज़रअंदाज़ करना
उन्होंने सालिम अली को दूरबीन (फील्ड ग्लास) भेंट की — यही उनके पक्षी-निरीक्षण का प्रारंभिक उपकरण बना।
WATCH OUT
सायलेंट वैली का अर्थ नहीं समझना
केरल का सघन वन क्षेत्र जिसे बाँध से डुबाने का प्रस्ताव था। सालिम अली के विरोध से परियोजना रद्द हुई। 1984 में सायलेंट वैली नेशनल पार्क बना।

Practice problems

Try each one yourself before tapping "Show solution". Active recall > rereading.

Q1EASY· पहचान
सालिम अली को किस उपाधि से जाना जाता है?
Show solution
✦ उत्तर: 'बर्ड मैन ऑफ इंडिया' — भारत के पक्षी-व्यक्ति। उन्हें पद्मविभूषण (1976) से भी सम्मानित किया गया।
Q2EASY· लेखक
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
Show solution
✦ उत्तर: जाबिर हुसैन — बिहार के साहित्यकार। यह उनका सालिम अली को समर्पित श्रद्धांजलि-लेख है।
Q3MEDIUM· विषय
तहमीना की क्या भूमिका थी सालिम अली के जीवन में?
Show solution
चरण 1 — विवाह और प्रेरणा। तहमीना सालिम अली की पत्नी थीं। उन्होंने सालिम अली में प्रकृति-प्रेम जगाया। चरण 2 — दूरबीन की भेंट। तहमीना ने सालिम अली को एक दूरबीन (फील्ड ग्लास) भेंट की। यही दूरबीन सालिम अली के पक्षी-निरीक्षण का प्रारंभिक उपकरण बनी। चरण 3 — साझेदारी। जीवनभर तहमीना ने सालिम अली का साथ दिया। उनके अनुसंधान में सहयोग दिया। ✦ उत्तर: तहमीना सालिम अली की पत्नी थीं। उन्होंने प्रकृति-प्रेम जगाया और दूरबीन भेंट की, जिससे सालिम अली पक्षी-निरीक्षक बने। जीवनभर साथी रहीं।
Q4MEDIUM· योगदान
सालिम अली ने पर्यावरण-संरक्षण में क्या योगदान दिया?
Show solution
चरण 1 — सायलेंट वैली अभियान। केरल की सायलेंट वैली पर बाँध बनाने का प्रस्ताव था। सालिम अली ने इसका विरोध किया। उनके प्रयासों से परियोजना रद्द हुई। 1984 में सायलेंट वैली नेशनल पार्क बना। चरण 2 — भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी। राजस्थान का प्रसिद्ध पक्षी-विहार। सालिम अली ने इसकी सुरक्षा और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज यह UNESCO विश्व धरोहर है। चरण 3 — पुस्तक-लेखन। 'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' (1941) — हिंदुस्तानी पक्षियों की पहचान का मार्गदर्शक। पक्षी-वैज्ञानिकों के लिए आदर्श। चरण 4 — अनुसंधान। 60+ वर्षों तक पक्षियों का अनुसंधान। नई प्रजातियों की पहचान। पक्षी-संख्या का अनुमान। ✦ उत्तर: सालिम अली ने (i) सायलेंट वैली परियोजना रुकवाई; (ii) भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी की रक्षा की; (iii) 'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' लिखी; (iv) 60+ वर्षों तक पक्षी-अनुसंधान किया। पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी।

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • लेखक: जाबिर हुसैन (बिहार, 1945)
  • श्रद्धांजलि-पात्र: डॉ. सालिम अली (1896-1987)
  • उपाधि: 'बर्ड मैन ऑफ इंडिया'; पद्मविभूषण 1976
  • पत्नी तहमीना ने दूरबीन भेंट करके पक्षी-निरीक्षण की प्रेरणा दी
  • प्रमुख पुस्तक: 'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' (1941)
  • पर्यावरण-योगदान: सायलेंट वैली + भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी
  • विधा: संस्मरणात्मक श्रद्धांजलि-लेख
  • जीवनकाल: 91 वर्ष (1896-1987)
  • 'साँवले सपने' = प्रकृति के सपने, जो आधुनिक मनुष्य भूल गया
  • 60+ वर्षों तक पक्षी-अनुसंधान

CBSE marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: 4–5 अंक प्रति बोर्ड पेपर

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
बहुविकल्पीय / अति लघु11लेखक/पात्र पहचान; उपाधि; पुस्तक नाम
लघु उत्तरीय31तहमीना की भूमिका; पर्यावरण-योगदान; सालिम अली का परिचय
दीर्घ उत्तरीय50–1सालिम अली का सम्पूर्ण जीवन-दर्शन; प्रकृति-प्रेम का महत्व
Prep strategy
  • लेखक जाबिर हुसैन (बिहार के साहित्यकार) — 1 अंक
  • सालिम अली — 'बर्ड मैन ऑफ इंडिया', पद्मविभूषण 1976
  • पत्नी तहमीना का योगदान — दूरबीन भेंट की
  • पक्षी-अनुसंधान: 60+ वर्ष, 'द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स' (1941)
  • पर्यावरण-संघर्ष: सायलेंट वैली + भरतपुर बर्ड सेंक्चुअरी
  • मूल्य-आधारित प्रश्न: प्रकृति-प्रेम, संरक्षण, जुनून

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS)

1883 में स्थापित। सालिम अली इसके अध्यक्ष रहे। आज भी भारत की प्रमुख पक्षी-अनुसंधान संस्था।

भरतपुर केओलादेव नेशनल पार्क

राजस्थान का प्रसिद्ध पक्षी-विहार। UNESCO विश्व धरोहर। सर्दियों में साइबेरियाई क्रेन सहित हज़ारों पक्षी आते हैं।

सायलेंट वैली नेशनल पार्क

केरल का सघन वन। 1984 में नेशनल पार्क घोषित। सालिम अली के संघर्ष का परिणाम।

सालिम अली पुरस्कार

पक्षी-विज्ञान में योगदान के लिए दिया जाने वाला सम्मान।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

  1. लेखक जाबिर हुसैन और सालिम अली का परिचय अलग-अलग याद रखें
  2. तहमीना का योगदान (दूरबीन भेंट) महत्वपूर्ण — 2-3 अंकों के प्रश्न में
  3. सायलेंट वैली और भरतपुर — दो प्रमुख पर्यावरण-संघर्ष
  4. मूल्य-आधारित प्रश्नों के लिए: प्रकृति-प्रेम, संरक्षण, जुनून पर ज़ोर

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

  • अन्य भारतीय पक्षी-वैज्ञानिक: डॉ. एस. अली, डॉ. आर.एम. नायक
  • भारत के बर्ड सेंक्चुअरी: भरतपुर, चिल्का, सुंदरबन, रननगर
  • पक्षी-संरक्षण की वैश्विक संस्थाएँ: BirdLife International, WWF

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE Board Class 9उच्च
हिन्दी ओलिंपियाडमध्यम
NTSE / NMMSमध्यम

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

केरल का सघन वन क्षेत्र जिसमें दुर्लभ पौधे और जंतु पाए जाते हैं। 1970-80 के दशक में यहाँ बाँध बनाने का प्रस्ताव था। सालिम अली, के.एस. मनिलाल, मेधा पाटकर जैसे लोगों ने विरोध किया। 1984 में सायलेंट वैली नेशनल पार्क बना।

एक 'फील्ड ग्लास' (binocular) — पक्षियों को दूर से देखने के लिए। यह सालिम अली के पक्षी-निरीक्षण का प्रारंभिक उपकरण बना। तहमीना ने ही उनमें प्रकृति-प्रेम जगाया।

साँवला रंग = प्राकृतिक, मिट्टी जैसा रंग। 'साँवले सपने' = प्रकृति के सपने — पक्षियों, पेड़ों, जंगलों के सपने। आधुनिक मनुष्य ने इन सपनों को भुला दिया है। पाठ इन्हें याद दिलाता है।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 18 May 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
Editorial process →
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