By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1लोककथा का सार और सीख समझना
  • 2ज्ञान तथा व्यावहारिक बुद्धि के अंतर को पहचानना
  • 3तर्क और अनुभव के महत्व को समझना
  • 4नए शब्दों का अर्थ और प्रयोग सीखना
  • 5अपने अनुभव पर छोटा लेखन करना
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Why this chapter matters
'तीन बुद्धिमान' लोककथा विद्यार्थियों को सिखाती है कि केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि विवेक, तर्क और अनुभव भी आवश्यक हैं। यह पाठ-बोध और मूल्य-शिक्षा दोनों को मज़बूत करती है।

तीन बुद्धिमान — कक्षा 7 हिंदी (CBSE)

कक्षा 7 हिंदी मल्हार का दूसरा पाठ — एक लोककथा। यह सिखाती है कि केवल पुस्तकीय ज्ञान काफी नहीं, व्यावहारिक बुद्धि (सूझ-बूझ) भी आवश्यक है।


1. पाठ का परिचय

  • विधा: लोककथा।
  • मुख्य पात्र: तीन बुद्धिमान (विद्वान) व्यक्ति।
  • पढ़ते समय ध्यान दें: तीनों की सोच में क्या अंतर है और कथा क्या सीख देती है।

2. सार

"तीन बुद्धिमान" एक लोककथा है जिसमें तीन बुद्धिमान (पढ़े-लिखे) व्यक्तियों की कहानी है। तीनों किसी समस्या या परिस्थिति का सामना अपनी-अपनी सोच और तर्क से करते हैं। कथा दिखाती है कि सबकी समझ और दृष्टिकोण अलग होते हैं, और केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुभव और व्यावहारिक बुद्धि (सूझ-बूझ) भी बहुत ज़रूरी है। जो व्यक्ति ज्ञान के साथ विवेक से काम लेता है, वही सच्चा बुद्धिमान कहलाता है। कथा हमें सोच-समझकर, तर्क और अनुभव के आधार पर निर्णय लेना सिखाती है।

3. मुख्य भाव

  • ज्ञान के साथ व्यावहारिक बुद्धि का महत्व
  • तर्क और अनुभव से निर्णय लेना
  • हर व्यक्ति का दृष्टिकोण अलग होता है
  • केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं

4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास

शब्दअर्थ
बुद्धिमानसमझदार, विद्वान
विवेकअच्छे-बुरे की पहचान
सूझ-बूझव्यावहारिक समझदारी
तर्ककारण देकर सोचना
अनुभवजीवन में सीखी बातें

अभ्यास:

  1. कथा से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
  2. "बुद्धिमान" का विलोम (मूर्ख) लिखिए।
  3. "विवेक" से अपना वाक्य बनाइए।

5. लिखित उत्तर का तरीका

  • घटनाओं को सही क्रम में लिखिए।
  • उत्तर पूरे वाक्य में दीजिए।
  • "कथा क्या सिखाती है" वाले प्रश्न में सीख स्पष्ट लिखिए।

6. रचनात्मक लेखन

विषय: किसी ऐसे अवसर के बारे में लिखिए जब आपने सूझ-बूझ से कोई समस्या हल की (4-5 वाक्य)।

7. सामान्य गलतियाँ

  • गलती: यह समझना कि सबसे अधिक पढ़ा-लिखा ही सबसे बुद्धिमान है। सुधार: ज्ञान के साथ विवेक और अनुभव भी आवश्यक है।
  • गलती: कथा की सीख न लिखना। सुधार: उत्तर में सीख अवश्य बताइए।
  • गलती: घटनाओं का क्रम उलटना। सुधार: घटनाओं को सही क्रम में लिखिए।

8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)

  1. यह पाठ किस विधा का है?
  2. कथा में कितने बुद्धिमान हैं?
  3. तीनों किस आधार पर निर्णय लेते हैं?
  4. कथा हमें क्या सिखाती है?
  5. "सूझ-बूझ" का अर्थ लिखिए।

9. उत्तर-कुंजी

  1. यह एक लोककथा है।
  2. कथा में तीन बुद्धिमान हैं।
  3. तीनों अपनी सोच, तर्क और अनुभव के आधार पर निर्णय लेते हैं।
  4. ज्ञान के साथ व्यावहारिक बुद्धि और विवेक का महत्व।
  5. सूझ-बूझ का अर्थ है व्यावहारिक समझदारी।

10. तेज़ दोहराव

  • विधा: लोककथा।
  • मुख्य भाव: ज्ञान + विवेक + अनुभव।
  • तीनों बुद्धिमानों की सोच अलग-अलग है।
  • सीख: केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं, सूझ-बूझ ज़रूरी है।
  • उत्तर सही क्रम और पूरे वाक्यों में लिखिए।

Key formulas & results

Everything you need to memorise, in one card. Screenshot this for revision.

विधा
लोककथा
लोक-परंपरा से चली आ रही शिक्षाप्रद कथा।
मुख्य भाव
ज्ञान + विवेक + अनुभव
केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं।
उत्तर-शैली
घटनाओं का सही क्रम + सीख
कथा की सीख स्पष्ट लिखिए।
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
यह समझना कि सबसे पढ़ा-लिखा ही सबसे बुद्धिमान है
ज्ञान के साथ विवेक और अनुभव भी आवश्यक है।
WATCH OUT
कथा की सीख न लिखना
उत्तर में सीख अवश्य बताइए।
WATCH OUT
घटनाओं का क्रम उलटना
घटनाओं को सही क्रम में लिखिए।

Practice problems

Try each one yourself before tapping "Show solution". Active recall > rereading.

Q1EASY· बोध
यह पाठ किस विधा का है?
Show solution
यह एक लोककथा है।
Q2EASY· बोध
कथा में कितने बुद्धिमान हैं?
Show solution
कथा में तीन बुद्धिमान हैं।
Q3MEDIUM· बोध
तीनों बुद्धिमान किस आधार पर निर्णय लेते हैं?
Show solution
तीनों अपनी सोच, तर्क और अनुभव के आधार पर निर्णय लेते हैं।
Q4HARD· मूल्य
कथा हमें क्या सिखाती है?
Show solution
कथा सिखाती है कि केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं; जीवन में विवेक, अनुभव और व्यावहारिक बुद्धि का होना भी आवश्यक है।
Q5EASY· शब्द
'सूझ-बूझ' का अर्थ लिखिए।
Show solution
व्यावहारिक समझदारी।
Q6MEDIUM· लेखन
सूझ-बूझ से कोई समस्या हल करने का अपना अनुभव लिखिए।
Show solution
किसी घटना का वर्णन कीजिए जहाँ समझदारी से समस्या सुलझी; 4-5 वाक्यों में लिखिए।

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • 'तीन बुद्धिमान' मल्हार का दूसरा पाठ (लोककथा) है।
  • तीन बुद्धिमान अपनी-अपनी सोच से निर्णय लेते हैं।
  • मुख्य भाव: ज्ञान + विवेक + अनुभव।
  • सीख: केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं, सूझ-बूझ ज़रूरी है।
  • उत्तर सही क्रम और पूरे वाक्यों में लिखिए।
  • कथा की सीख उत्तर में अवश्य लिखें।

CBSE marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: विद्यालय परीक्षा, नोटबुक और लेखन में 4-6 अंक

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
अति लघु12-3तथ्य, विधा या शब्द-अर्थ
लघु उत्तर2-32पाठ-बोध और सीख
लेखन30-1अनुभव-आधारित लेखन
Prep strategy
  • कथा का सार और सीख याद कीजिए
  • ज्ञान और व्यावहारिक बुद्धि का अंतर समझिए
  • नए शब्दों के अर्थ याद कीजिए
  • एक अनुभव-आधारित अनुच्छेद लिखिए

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

निर्णय-क्षमता

कथा सोच-समझकर निर्णय लेना सिखाती है।

व्यावहारिक बुद्धि

जीवन में सूझ-बूझ के महत्व को रेखांकित करती है।

मूल्य-शिक्षा

ज्ञान और विवेक के संतुलन का पाठ देती है।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

  1. घटनाओं को सही क्रम में लिखिए
  2. कथा की सीख स्पष्ट बताइए
  3. उत्तर पूरे वाक्यों में दीजिए
  4. शब्द-अर्थ सही लिखिए

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

  • ज्ञान और विवेक के अंतर को दो वाक्यों में समझाइए।
  • एक छोटी शिक्षाप्रद लोककथा अपने शब्दों में लिखिए।

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE कक्षा 7 विद्यालय मूल्यांकनHigh
कक्षा 7 हिंदी ओलंपियाड अभ्यासMedium
नोटबुक और लेखन मूल्यांकनHigh

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं; सच्ची बुद्धिमानी ज्ञान के साथ विवेक, तर्क और अनुभव से काम लेने में है।

लोक-परंपरा में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही शिक्षाप्रद कहानी को लोककथा कहते हैं।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 2 June 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
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