माँ, कह एक कहानी — कक्षा 7 हिंदी (CBSE)
कक्षा 7 हिंदी मल्हार का पहला पाठ — राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कविता। यह माँ और बच्चे के स्नेह तथा बाल-हठ को बड़े कोमल ढंग से दिखाती है।
1. पाठ का परिचय
- विधा: कविता।
- कवि: मैथिलीशरण गुप्त (राष्ट्रकवि)।
- पढ़ते समय ध्यान दें: बच्चा माँ से क्या चाहता है और माँ का व्यवहार कैसा है।
2. सार
इस कविता में एक बच्चा शाम के समय अपनी माँ से कहानी सुनाने की ज़िद करता है — "माँ, कह एक कहानी!" वह बार-बार पूछता है कि कहानी में कौन था — "राजा था या रानी?" माँ बड़े प्यार और धैर्य से बच्चे को बहलाती और उसकी जिज्ञासा शांत करती है। पूरी कविता में बच्चे का भोलापन और बाल-हठ, तथा माँ का वात्सल्य (ममता) झलकता है। यह कविता माँ और संतान के बीच के अटूट स्नेह का सुंदर चित्र खींचती है।
3. मुख्य भाव
- माँ का वात्सल्य और संतान का स्नेह
- बच्चे का भोलापन और प्यारी ज़िद (बाल-हठ)
- सुनने-सुनाने की परंपरा और जिज्ञासा
- कोमल, घरेलू भावनाओं का चित्रण
4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कहानी | कथा, किस्सा |
| हठ | ज़िद |
| वात्सल्य | संतान के प्रति ममता-प्रेम |
| भोलापन | सरलता, मासूमियत |
| जिज्ञासा | जानने की इच्छा |
अभ्यास:
- कविता से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
- "हठ" से अपना एक वाक्य बनाइए।
- "वात्सल्य" का भाव अपने शब्दों में समझाइए।
5. लिखित उत्तर का तरीका
- कविता का भाव पहले समझिए, फिर उत्तर लिखिए।
- उत्तर पूरे वाक्यों में दीजिए।
- "कैसे/क्यों" वाले प्रश्न में कारण लिखिए।
- भाव बताने वाले प्रश्न में कविता की पंक्ति का संकेत दीजिए।
6. रचनात्मक लेखन
विषय: "मेरी माँ" अथवा "मुझे सबसे प्यारी कहानी" — 5-6 वाक्य लिखिए।
7. सामान्य गलतियाँ
- गलती: कविता को केवल कहानी समझ लेना। सुधार: यह माँ-बच्चे के स्नेह की कविता है।
- गलती: भाव की उपेक्षा करना। सुधार: बच्चे का बाल-हठ और माँ का वात्सल्य मुख्य भाव हैं।
- गलती: एक शब्द में उत्तर देना। सुधार: पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।
8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)
- इस कविता के कवि कौन हैं?
- बच्चा माँ से क्या चाहता है?
- बच्चा कहानी के बारे में क्या-क्या पूछता है?
- माँ का व्यवहार कैसा है?
- कविता का मुख्य भाव क्या है?
9. उत्तर-कुंजी
- राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त।
- वह माँ से कहानी सुनाने को कहता है।
- वह पूछता है कि कहानी में राजा था या रानी, उसमें कौन-कौन था।
- माँ प्यार और धैर्य से बच्चे को बहलाती है।
- माँ का वात्सल्य और बच्चे का भोला बाल-हठ।
10. तेज़ दोहराव
- विधा: कविता; कवि: मैथिलीशरण गुप्त।
- बच्चा शाम को माँ से कहानी सुनाने की ज़िद करता है।
- मुख्य भाव: वात्सल्य, बाल-हठ, स्नेह।
- माँ प्यार से बच्चे को बहलाती है।
- उत्तर भाव समझकर, पूरे वाक्यों में लिखिए।
