फूल और काँटा — कक्षा 7 हिंदी (CBSE)
कक्षा 7 हिंदी मल्हार का तीसरा पाठ — अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की कविता। यह सिखाती है कि मनुष्य की बड़ाई उसके जन्म या कुल से नहीं, उसके आचरण से होती है।
1. पाठ का परिचय
- विधा: कविता।
- कवि: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
- पढ़ते समय ध्यान दें: एक ही पौधे पर पले फूल और काँटे का व्यवहार कैसे अलग है।
2. सार
इस कविता में कवि फूल और काँटे की तुलना करते हैं, जो एक ही पौधे पर, एक ही जड़, एक ही जल और एक ही हवा से पलते हैं। फिर भी दोनों का स्वभाव और आचरण बिल्कुल अलग है। काँटा दूसरों को चुभता, घायल करता और कष्ट देता है, जबकि फूल अपनी सुगंध और सुंदरता से सबको सुख देता है, देवता पर चढ़ता और सबका मन मोह लेता है। कवि कहते हैं कि जन्म या स्थान समान होने पर भी गुण और आचरण ही किसी को बड़ा या छोटा बनाते हैं। बड़ाई जन्म या ऊँचे कुल से नहीं, अच्छे आचरण से मिलती है।
3. मुख्य भाव
- बड़ाई जन्म से नहीं, आचरण से होती है
- अच्छे गुण और व्यवहार का महत्व
- दूसरों को सुख देना ही सच्ची महानता
- एक समान अवसर में भी स्वभाव का अंतर
4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| काँटा | नुकीला, चुभने वाला भाग |
| सुगंध | अच्छी महक |
| आचरण | व्यवहार, चाल-चलन |
| कुल | वंश, खानदान |
| महानता | बड़प्पन |
अभ्यास:
- कविता से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
- "सुगंध" का विलोम (दुर्गंध) लिखिए।
- "आचरण" से अपना वाक्य बनाइए।
5. लिखित उत्तर का तरीका
- कविता का भाव समझकर उत्तर लिखिए।
- फूल और काँटे की तुलना स्पष्ट कीजिए।
- "क्यों" वाले प्रश्न में कारण और सीख लिखिए।
6. रचनात्मक लेखन
विषय: "अच्छे आचरण से ही मनुष्य बड़ा बनता है" — 4-5 वाक्य लिखिए।
7. सामान्य गलतियाँ
- गलती: यह सोचना कि ऊँचे कुल में जन्म ही बड़ाई है। सुधार: बड़ाई अच्छे आचरण से होती है।
- गलती: फूल और काँटे के अंतर को न समझना। सुधार: काँटा चुभता है, फूल सुख देता है।
- गलती: एक शब्द में उत्तर देना। सुधार: पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।
8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)
- इस कविता के कवि कौन हैं?
- फूल और काँटा कहाँ पलते हैं?
- काँटे और फूल के आचरण में क्या अंतर है?
- कविता क्या सीख देती है?
- "आचरण" शब्द का अर्थ लिखिए।
9. उत्तर-कुंजी
- अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
- दोनों एक ही पौधे पर पलते हैं।
- काँटा दूसरों को चुभता है, जबकि फूल अपनी सुगंध से सुख देता है।
- बड़ाई जन्म या कुल से नहीं, अच्छे आचरण से होती है।
- आचरण का अर्थ है व्यवहार या चाल-चलन।
10. तेज़ दोहराव
- विधा: कविता; कवि: 'हरिऔध'।
- फूल और काँटा एक ही पौधे पर पलते हैं।
- काँटा चुभता है, फूल सुगंध और सुख देता है।
- सीख: बड़ाई जन्म से नहीं, आचरण से।
- उत्तर भाव समझकर, पूरे वाक्यों में लिखिए।
