By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1मीरा के पदों का भाव समझना
  • 2भक्ति, प्रेम और समर्पण के भाव को पहचानना
  • 3'पद' विधा (भक्ति-काव्य) को समझना
  • 4नए शब्दों का अर्थ और प्रयोग सीखना
  • 5भक्ति और समर्पण पर विचार लिखना
💡
Why this chapter matters
'मीरा के पद' भक्त कवयित्री मीराबाई की कृष्ण-भक्ति को प्रस्तुत करते हैं। ये पद विद्यार्थियों में भक्ति-काव्य की समझ, भाव-बोध, शब्द-भंडार और सच्चे समर्पण के मूल्य को विकसित करते हैं।

मीरा के पद — कक्षा 7 हिंदी (CBSE)

कक्षा 7 हिंदी मल्हार का दसवाँ (अंतिम) पाठ — भक्त कवयित्री मीराबाई के पद। ये कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम से भरे हैं।


1. पाठ का परिचय

  • विधा: पद (भक्ति-काव्य)।
  • कवयित्री: मीराबाई — कृष्ण की अनन्य भक्त।
  • पढ़ते समय ध्यान दें: मीरा अपने आराध्य कृष्ण के प्रति कैसा भाव व्यक्त करती हैं।

2. सार

इस पाठ में मीराबाई के पद दिए गए हैं। मीरा श्रीकृष्ण (गिरिधर गोपाल) की अनन्य भक्त थीं और उन्हें ही अपना सब कुछ मानती थीं। अपने पदों में वे कृष्ण के प्रति गहरा प्रेम, समर्पण और भक्ति प्रकट करती हैं — "मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।" वे संसार की चिंता छोड़कर केवल कृष्ण-भक्ति में लीन रहती हैं और हर सुख-दुख कृष्ण को समर्पित कर देती हैं। मीरा के पद सरल भाषा, मधुर भाव और सच्ची भक्ति के कारण आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। ये पद ईश्वर के प्रति प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का संदेश देते हैं।

3. मुख्य भाव

  • कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम
  • ईश्वर के प्रति समर्पण और विश्वास
  • सांसारिक मोह से ऊपर भक्ति-भाव
  • सरल भाषा में गहरी भक्ति

4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास

शब्दअर्थ
पदभक्ति-काव्य की गेय रचना
गिरिधर गोपालश्रीकृष्ण
अनन्यजिसके समान दूसरा न हो; एकमात्र
भक्तिईश्वर के प्रति प्रेम और श्रद्धा
समर्पणस्वयं को न्योछावर करना

अभ्यास:

  1. पाठ से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
  2. "भक्ति" से अपना वाक्य बनाइए।
  3. मीरा किसे "गिरिधर गोपाल" कहती हैं?

5. लिखित उत्तर का तरीका

  • पद का भाव सरल शब्दों में समझाइए।
  • उत्तर पूरे वाक्य में दीजिए।
  • "मीरा का भाव" वाले प्रश्न में भक्ति और समर्पण का उल्लेख कीजिए।

6. रचनात्मक लेखन

विषय: "सच्ची भक्ति और समर्पण" पर अपने विचार 4-5 वाक्यों में लिखिए।

7. सामान्य गलतियाँ

  • गलती: "गिरिधर गोपाल" का अर्थ न जानना। सुधार: गिरिधर गोपाल का अर्थ है श्रीकृष्ण
  • गलती: पद को साधारण कविता समझना। सुधार: पद भक्ति-काव्य है, जिसमें ईश्वर-प्रेम व्यक्त होता है।
  • गलती: एक शब्द में उत्तर देना। सुधार: पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।

8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)

  1. इन पदों की रचयिता कौन हैं?
  2. मीरा किसकी भक्त थीं?
  3. "गिरिधर गोपाल" किसे कहा गया है?
  4. मीरा के पद कौन-सा भाव व्यक्त करते हैं?
  5. "अनन्य" शब्द का अर्थ लिखिए।

9. उत्तर-कुंजी

  1. भक्त कवयित्री मीराबाई
  2. वे श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं।
  3. श्रीकृष्ण को।
  4. कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, भक्ति और समर्पण का भाव।
  5. अनन्य का अर्थ है एकमात्र, जिसके समान दूसरा न हो।

10. तेज़ दोहराव

  • विधा: पद (भक्ति-काव्य); कवयित्री: मीराबाई।
  • मीरा श्रीकृष्ण (गिरिधर गोपाल) की अनन्य भक्त थीं।
  • मुख्य भाव: कृष्ण-भक्ति, प्रेम और समर्पण।
  • सरल भाषा में गहरी भक्ति — आज भी लोकप्रिय।
  • उत्तर भाव समझकर, पूरे वाक्यों में लिखिए।

Key formulas & results

Everything you need to memorise, in one card. Screenshot this for revision.

विधा
पद (भक्ति-काव्य)
मीराबाई की कृष्ण-भक्ति की गेय रचनाएँ।
मुख्य भाव
कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और समर्पण
मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।
उत्तर-शैली
भाव + भक्ति/समर्पण का उल्लेख
पद का भाव सरल शब्दों में लिखें।
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
'गिरिधर गोपाल' का अर्थ न जानना
गिरिधर गोपाल का अर्थ है श्रीकृष्ण।
WATCH OUT
पद को साधारण कविता समझना
पद भक्ति-काव्य है, जिसमें ईश्वर-प्रेम व्यक्त होता है।
WATCH OUT
एक शब्द में उत्तर देना
पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।

Practice problems

Try each one yourself before tapping "Show solution". Active recall > rereading.

Q1EASY· बोध
इन पदों की रचयिता कौन हैं?
Show solution
भक्त कवयित्री मीराबाई।
Q2EASY· बोध
मीरा किसकी भक्त थीं?
Show solution
वे श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं।
Q3MEDIUM· बोध
'गिरिधर गोपाल' किसे कहा गया है और इससे मीरा का कौन-सा भाव झलकता है?
Show solution
'गिरिधर गोपाल' श्रीकृष्ण को कहा गया है; इससे मीरा का कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण झलकता है।
Q4HARD· भाव
मीरा के पद कौन-सा भाव व्यक्त करते हैं?
Show solution
वे श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, गहरी भक्ति और पूर्ण समर्पण का भाव व्यक्त करते हैं, जिसमें मीरा सांसारिक मोह छोड़कर केवल कृष्ण में लीन रहती हैं।
Q5EASY· शब्द
'अनन्य' शब्द का अर्थ लिखिए।
Show solution
एकमात्र; जिसके समान दूसरा न हो।
Q6MEDIUM· लेखन
'सच्ची भक्ति और समर्पण' पर 4-5 वाक्य लिखिए।
Show solution
भक्ति, प्रेम और समर्पण के महत्व पर अपने विचार सरल भाषा में लिखिए।

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • 'मीरा के पद' मल्हार का दसवाँ (अंतिम) पाठ है।
  • विधा: पद (भक्ति-काव्य); कवयित्री: मीराबाई।
  • मीरा श्रीकृष्ण (गिरिधर गोपाल) की अनन्य भक्त थीं।
  • मुख्य भाव: कृष्ण-भक्ति, प्रेम और समर्पण।
  • सरल भाषा में गहरी भक्ति — पद आज भी लोकप्रिय।
  • उत्तर भाव समझकर पूरे वाक्यों में लिखिए।

CBSE marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: विद्यालय परीक्षा, नोटबुक और लेखन में 4-6 अंक

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
अति लघु12-3तथ्य, कवयित्री या शब्द-अर्थ
लघु उत्तर2-32पद का भाव और भक्ति
लेखन30-1भक्ति-समर्पण पर अनुच्छेद
Prep strategy
  • मीरा के पदों का भाव अपने शब्दों में बताइए
  • 'गिरिधर गोपाल' जैसे शब्दों के अर्थ याद कीजिए
  • भक्ति और समर्पण के भाव को समझिए
  • एक छोटा अनुच्छेद स्वयं लिखिए

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

भक्ति-काव्य की समझ

विद्यार्थी भारतीय भक्ति-परंपरा और पद-विधा से परिचित होते हैं।

मूल्य-शिक्षा

प्रेम, श्रद्धा और समर्पण के मूल्य विकसित होते हैं।

भाषा-कौशल

भाव-व्याख्या और लेखन का अभ्यास होता है।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

  1. पद का भाव सरल शब्दों में लिखिए
  2. भक्ति और समर्पण का उल्लेख कीजिए
  3. उत्तर पूरे वाक्यों में दीजिए
  4. शब्द-अर्थ सही लिखिए

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

  • मीराबाई के अतिरिक्त किसी एक भक्त कवि का नाम लिखिए।
  • किसी एक पद की पंक्ति का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE कक्षा 7 विद्यालय मूल्यांकनHigh
कक्षा 7 हिंदी ओलंपियाड / सस्वर पाठMedium
नोटबुक और लेखन मूल्यांकनHigh

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, गहरी भक्ति और पूर्ण समर्पण — मीरा कृष्ण को ही अपना सर्वस्व मानती हैं।

पद भक्ति-काव्य की एक गेय रचना है, जिसमें भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम और भक्ति व्यक्त करता है।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 2 June 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
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