By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1माखनलाल चतुर्वेदी का स्वतंत्रता-संग्राम योगदान
  • 2जेल-कविता की विशेषताएँ
  • 3प्रतीकात्मक काव्य (कोकिला, कैदी, गीत)
  • 4स्वतंत्रता-पूर्व हिन्दी काव्य की विशेषताएँ
  • 5देश-प्रेम और त्याग के मूल्य
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Why this chapter matters
राष्ट्रीय कवि माखनलाल चतुर्वेदी की यह कविता स्वतंत्रता-संग्राम का जीवंत दस्तावेज़ है। जेल में रचित — ब्रिटिश शासन की क्रूरता, राष्ट्र-प्रेम, और स्वतंत्रता-पुकार का सशक्त चित्रण।

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कैदी और कोकिला — कक्षा 9 हिन्दी (क्षितिज भाग 1)

"क्यों चीखती है कोकिल! क्या कोई तेरा भी प्यारा छीनकर ले गया?" — माखनलाल चतुर्वेदी

1. पाठ-परिचय

'कैदी और कोकिला' राष्ट्रीय कवि माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित एक प्रबल देशभक्ति-कविता है। यह कविता 'युगचरण' नामक उनके काव्य-संग्रह से ली गई है। कविता में:

  • कैदी (कवि स्वयं) = ब्रिटिश जेल में बंद स्वतंत्रता-सेनानी
  • कोकिला = स्वतंत्रता का प्रतीक, बाहरी संसार की मधुर आवाज़

का संवादात्मक चित्रण है।

पाठ की पृष्ठभूमि

  • कवि असहयोग आंदोलन (1921-22) में जेल गए थे
  • ब्रिटिश शासन की क्रूरता का साक्षात अनुभव
  • कविता जेल में लिखी गई

2. कवि-परिचय — माखनलाल चतुर्वेदी

जीवनवृत्त

  • जन्म: 4 अप्रैल 1889, बावई (होशंगाबाद, मध्य प्रदेश)
  • मृत्यु: 30 जनवरी 1968
  • उपाधि: 'एक भारतीय आत्मा'
  • पुरस्कार: साहित्य अकादमी (1955), पद्मभूषण (1963)

स्वतंत्रता-संग्राम में योगदान

  • गांधी जी के अनुयायी
  • असहयोग आंदोलन (1921-22) में जेल
  • भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में जेल
  • 'प्रभा', 'कर्मवीर' पत्रिकाओं के संपादक

प्रमुख रचनाएँ

  • काव्य-संग्रह: हिमकिरीटिनी, हिमतरंगिनी, माता, युगचरण, समर्पण, मरण-ज्वार
  • गद्य: साहित्य के देवता, समय के पाँव

प्रसिद्ध कविताएँ

  • 'पुष्प की अभिलाषा' (चाह नहीं मैं सुरबाला के...)
  • 'कैदी और कोकिला'
  • 'अमर राष्ट्र'

भाषा-शैली

  • सरल खड़ी बोली
  • ओजपूर्ण, भावप्रवण
  • राष्ट्र-प्रेम की प्रबल अभिव्यक्ति

3. कविता का सारांश

प्रसंग

  • कवि माखनलाल चतुर्वेदी ब्रिटिश जेल में बंद हैं
  • आधी रात है, अंधेरा है, सब सो रहे हैं
  • अचानक कोकिला की मधुर आवाज़ सुनाई देती है
  • कैदी और कोकिला के बीच एकालाप-संवाद आरम्भ होता है

मुख्य पंक्तियाँ और भाव

1. कोकिला से पहला प्रश्न

क्यों चीखती है कोकिल! क्या कोई तेरा भी प्यारा छीनकर ले गया?

कैदी पूछता है — कोकिला तू क्यों चीख रही है? क्या किसी ने तेरा भी प्यारा (बच्चा/साथी) छीन लिया है?

2. जेल का वर्णन

तू क्यों गाती है कोयल? अंधकार में क्या तुझे लगा कि भारत-माँ ने ज़ंजीरें पहन लीं?

कैदी सोचता है — क्या कोयल इसलिए गा रही है क्योंकि भारत-माँ बंधन में है?

3. ब्रिटिश शासन की क्रूरता

इस पुलिस की धमक! दिन भर खटाई — यही जेल का कानून है। सूरज, चाँद की रोशनी से वंचित।

जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार, मार-पीट, अंधेरा।

4. कोकिला का स्वतंत्र जीवन

तू स्वतंत्र है कोकिल, हरी-भरी डालियों पर बसती है। मैं बंदी हूँ — लोहे की सलाखों में।

कोकिला का स्वतंत्र जीवन और कैदी का बंधन — एक स्पष्ट विरोध।

5. कोकिला से अनुरोध

ओ कोकिल! जा, मेरी माँ से कह दे — उसका बेटा जेल में भी देश के लिए लड़ रहा है।

कैदी कोकिला से अपना संदेश माँ (भारत-माता) तक पहुँचाने का अनुरोध करता है।

6. अंतिम संदेश

मैं हूँ कोकिल, मेरा गीत है क्रांति का। तेरा गीत मधुरता का, मेरा गीत स्वतंत्रता का।

कैदी का गीत भी क्रांति का है — कोकिल जैसा ही, बस विषय अलग।


4. केन्द्रीय भाव और संदेश

मुख्य भाव

  1. स्वतंत्रता की पुकार: कैदी का असीम वियोग और स्वतंत्रता की चाह।
  2. ब्रिटिश शासन की अमानवीयता: जेल की क्रूरता।
  3. देश-प्रेम: भारत-माँ के लिए अनन्त प्रेम।
  4. त्याग: निजी कष्ट सहकर भी देश के लिए संघर्ष।
  5. आशा: स्वतंत्रता मिलने की दृढ़ आशा।

प्रतीक

  • कैदी = देश का स्वतंत्रता-सेनानी
  • कोकिला = स्वतंत्रता, बाहरी संसार
  • जेल = ब्रिटिश शासन, बंधन
  • गीत = क्रांति का आह्वान

5. साहित्यिक विशेषताएँ

भाषा

  • सरल खड़ी बोली
  • भावप्रवण, ओजपूर्ण
  • स्वतंत्रता-संग्राम युग की भाषा

शैली

  • संबोधन-शैली ('क्यों चीखती है कोकिल!')
  • संवाद-शैली (कैदी और कोकिला के बीच)
  • आत्मकथात्मक अनुभव

अलंकार

  • मानवीकरण: कोकिला को मानवीय भाव दिए
  • अनुप्रास: 'क्यों चीखती है कोकिल!'
  • रूपक: कैदी = सेनानी, जेल = ब्रिटिश शासन
  • विरोधाभास: कोकिल का स्वतंत्र जीवन बनाम कैदी का बंधन

रस

  • करुण रस — कैदी का दुख
  • वीर रस — स्वतंत्रता-संघर्ष

6. ऐतिहासिक संदर्भ

असहयोग आंदोलन (1920-22)

  • गांधी जी का प्रथम जन-आंदोलन
  • सरकारी संस्थाओं का बहिष्कार
  • हज़ारों स्वतंत्रता-सेनानी जेल गए
  • माखनलाल चतुर्वेदी भी इसी काल में जेल गए

जेल-जीवन

  • 'काला पानी' (अंडमान-निकोबार)
  • क्रूर व्यवहार
  • एकांत-कारावास
  • मानसिक उत्पीड़न

7. कविता का संदेश आज के संदर्भ में

  • स्वतंत्रता का मूल्य: हमें मुफ्त में नहीं मिली; हज़ारों ने बलिदान दिया।
  • राष्ट्र-प्रेम: निजी सुख से बढ़कर देश-हित।
  • त्याग की भावना: बड़े लक्ष्यों के लिए छोटे सुख त्यागना।
  • आशावादी दृष्टिकोण: कठिनाई में भी आशा कायम रखना।
  • साहित्य की शक्ति: कविता क्रांति का माध्यम बन सकती है।

8. प्रमुख उद्धरण

"क्यों चीखती है कोकिल! क्या कोई तेरा भी प्यारा छीनकर ले गया?"

"तेरा गीत मधुरता का, मेरा गीत स्वतंत्रता का।"

"ओ कोकिल! जा, मेरी माँ से कह दे — उसका बेटा जेल में भी देश के लिए लड़ रहा है।"


9. माखनलाल चतुर्वेदी की अन्य रचनाएँ

  • पुष्प की अभिलाषा: "चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ"
  • हिमकिरीटिनी: हिमालय पर काव्य
  • अमर राष्ट्र: राष्ट्र-गौरव

10. समापन

'कैदी और कोकिला' केवल एक कविता नहीं — यह स्वतंत्रता-संग्राम का जीवंत दस्तावेज़ है। माखनलाल चतुर्वेदी ने जेल में रहकर भी कविता के माध्यम से क्रांति का संदेश दिया। यह कविता हमें सिखाती है कि साहित्य भी संग्राम का अस्त्र हो सकता है — और स्वतंत्रता असीम मूल्यवान है, जिसकी रक्षा हमें सदैव करनी चाहिए।

Key formulas & results

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कवि
माखनलाल चतुर्वेदी (1889-1968) — 'एक भारतीय आत्मा'
राष्ट्रीय कवि
जन्म
4 अप्रैल 1889, बावई (होशंगाबाद, मध्य प्रदेश)
स्वतंत्रता-संग्राम
असहयोग आंदोलन (1921-22) में जेल; भारत छोड़ो (1942) में जेल
गांधी-अनुयायी
पुरस्कार
साहित्य अकादमी (1955), पद्मभूषण (1963)
1969 में पद्मभूषण लौटाया
संग्रह
'युगचरण' से ली गई
जेल में रचित
अन्य कविताएँ
'पुष्प की अभिलाषा', 'अमर राष्ट्र', हिमकिरीटिनी
विधा/रस
गीत-कविता; करुण + वीर रस
मुख्य प्रतीक
कैदी = सेनानी; कोकिला = स्वतंत्रता; जेल = ब्रिटिश शासन
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
कविता को साधारण पक्षी-कविता मानना
यह राष्ट्र-प्रेम और स्वतंत्रता-संग्राम की कविता है। कैदी और कोकिला दोनों प्रतीक हैं — सेनानी और स्वतंत्रता।
WATCH OUT
माखनलाल चतुर्वेदी और बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' को confuse करना
माखनलाल = 'एक भारतीय आत्मा', 'पुष्प की अभिलाषा' के रचयिता। नवीन = अलग कवि, अलग रचनाएँ।
WATCH OUT
कविता के संदर्भ का गलत वर्ष
1921-22 का असहयोग आंदोलन — माखनलाल जी जेल गए। कविता 'युगचरण' संग्रह में संकलित।

NCERT exercises

Every NCERT exercise from this chapter — what it covers and how many questions to expect.

मौखिक
मौखिक
कवि-परिचय, कविता का प्रसंग, प्रतीक
4
Questions
लिखित
लिखित
कैदी-कोकिला संवाद, ब्रिटिश शासन की क्रूरता, स्वतंत्रता-पुकार
6
Questions
भाषा
भाषा
अलंकार, रस, प्रतीक
3
Questions

Practice problems

Work through this chapter's problems as a readiness check — reveal each solution, mark yourself honestly, and get your gap report at the end.

Readiness check

Are you exam-ready for कैदी और कोकिला (माखनलाल चतुर्वेदी)?

5 problems from this chapter. Try each one, reveal the worked solution, mark yourself honestly — get your gap report at the end.

5 questions~4 min

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • कवि: माखनलाल चतुर्वेदी (1889-1968), 'एक भारतीय आत्मा'
  • जन्म: 4 अप्रैल 1889, बावई (होशंगाबाद, MP)
  • मूल संग्रह: 'युगचरण'
  • ऐतिहासिक संदर्भ: असहयोग आंदोलन 1921-22 — जेल
  • प्रतीक: कैदी = सेनानी; कोकिला = स्वतंत्रता; जेल = ब्रिटिश शासन
  • मुख्य भाव: स्वतंत्रता-पुकार + देश-प्रेम + त्याग + आशा
  • रस: करुण + वीर
  • अलंकार: मानवीकरण, अनुप्रास, रूपक, विरोधाभास
  • अन्य प्रसिद्ध कविताएँ: 'पुष्प की अभिलाषा', 'अमर राष्ट्र', हिमकिरीटिनी
  • पुरस्कार: साहित्य अकादमी 1955, पद्मभूषण 1963
  • 1969 में पद्मभूषण लौटाया — राजनैतिक विरोध में

Andhra Pradesh (BIEAP) marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: 5–6 अंक प्रति बोर्ड पेपर

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
बहुविकल्पीय / अति लघु11–2कवि; उपाधि; संग्रह; प्रसंग
व्याख्या-आधारित2–31कविता की पंक्तियों की व्याख्या
लघु उत्तरीय31प्रतीक; ब्रिटिश-शासन; अलंकार
दीर्घ उत्तरीय50–1देश-प्रेम; स्वतंत्रता-संग्राम की भूमिका
Prep strategy
  • कवि का परिचय — माखनलाल चतुर्वेदी, 'एक भारतीय आत्मा', स्वतंत्रता-सेनानी
  • कविता का ऐतिहासिक संदर्भ — असहयोग आंदोलन 1921-22
  • मुख्य प्रतीक: कैदी = सेनानी, कोकिला = स्वतंत्रता
  • ब्रिटिश जेल की क्रूरता के तत्व
  • अलंकार: मानवीकरण, अनुप्रास, रूपक, विरोधाभास
  • माखनलाल जी की अन्य प्रसिद्ध कविता: 'पुष्प की अभिलाषा'

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

स्वतंत्रता-दिवस पाठ

15 अगस्त और 26 जनवरी पर यह कविता विद्यालयों में बहुत पढ़ी जाती है।

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल

उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय (1990) — पत्रकारिता शिक्षा का प्रमुख केंद्र।

हिमतरंगिनी पुरस्कार

माखनलाल जी की हिमतरंगिनी (1949) को साहित्य अकादमी मिला (1955) — हिन्दी कविता का प्रथम।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

1
कवि का परिचय — 'एक भारतीय आत्मा', स्वतंत्रता-सेनानी
2
कविता का ऐतिहासिक संदर्भ — असहयोग आंदोलन का उल्लेख
3
मुख्य प्रतीकों की व्याख्या — कैदी, कोकिला, जेल
4
ब्रिटिश शासन की क्रूरता पर बल
5
देश-प्रेम और त्याग का संदेश हर लंबे उत्तर में
6
कविता-पंक्तियाँ quote करें — अंक बढ़ते हैं

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

STRETCH
छायावादी कविता बनाम राष्ट्रीय कविता का अंतर
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स्वतंत्रता-काल के अन्य राष्ट्रीय कवि: माखनलाल चतुर्वेदी, सोहनलाल द्विवेदी, सुभद्रा कुमारी चौहान, बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'
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जेल-साहित्य की परंपरा: नेहरू 'भारत की खोज', सावरकर 'काला पानी', भगत सिंह की डायरी
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माखनलाल जी का 'पुष्प की अभिलाषा' - तुलनात्मक अध्ययन

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE Board Class 9उच्च
हिन्दी ओलिंपियाडउच्च
UGC NET हिन्दीउच्च — आधुनिक काल विशेष
UPSC History Optionalमध्यम — स्वतंत्रता-संग्राम के साहित्यिक पहलू

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

शीर्षक में दो विरोधी पात्र — कैदी (बंधन) और कोकिला (स्वतंत्रता)। इस विरोध से ही कविता का केन्द्रीय भाव उभरता है — कैदी की पीड़ा और स्वतंत्रता की महत्ता।

1969 में सरकार के एक निर्णय (हिन्दी विरोधी या मूल्य-संबंधी) के विरोध में उन्होंने पद्मभूषण लौटाया। यह उनकी सिद्धांत-निष्ठा का प्रमाण।

ब्रिटिश जेल में कैदी को पत्र भेजने की अनुमति बहुत कम/नियंत्रित थी। कोकिला (पक्षी) स्वतंत्र — कहीं भी जा सकती है। इसलिए कैदी उसी से अनुरोध करता है।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 20 May 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
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