By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1फूल और काँटे की तुलना का भाव समझना
  • 2आचरण के महत्व की सीख को पहचानना
  • 3नए शब्दों और विलोम का अभ्यास करना
  • 4भाव-आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखना
  • 5मूल्यपरक अनुच्छेद लिखना
💡
Why this chapter matters
'फूल और काँटा' 'हरिऔध' की प्रसिद्ध कविता है जो सिखाती है कि मनुष्य की महानता जन्म या कुल से नहीं, अच्छे आचरण से होती है। यह भाव-बोध के साथ चरित्र-निर्माण का संदेश देती है।

फूल और काँटा — कक्षा 7 हिंदी (CBSE)

कक्षा 7 हिंदी मल्हार का तीसरा पाठ — अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की कविता। यह सिखाती है कि मनुष्य की बड़ाई उसके जन्म या कुल से नहीं, उसके आचरण से होती है।


1. पाठ का परिचय

  • विधा: कविता।
  • कवि: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
  • पढ़ते समय ध्यान दें: एक ही पौधे पर पले फूल और काँटे का व्यवहार कैसे अलग है।

2. सार

इस कविता में कवि फूल और काँटे की तुलना करते हैं, जो एक ही पौधे पर, एक ही जड़, एक ही जल और एक ही हवा से पलते हैं। फिर भी दोनों का स्वभाव और आचरण बिल्कुल अलग है। काँटा दूसरों को चुभता, घायल करता और कष्ट देता है, जबकि फूल अपनी सुगंध और सुंदरता से सबको सुख देता है, देवता पर चढ़ता और सबका मन मोह लेता है। कवि कहते हैं कि जन्म या स्थान समान होने पर भी गुण और आचरण ही किसी को बड़ा या छोटा बनाते हैं। बड़ाई जन्म या ऊँचे कुल से नहीं, अच्छे आचरण से मिलती है।

3. मुख्य भाव

  • बड़ाई जन्म से नहीं, आचरण से होती है
  • अच्छे गुण और व्यवहार का महत्व
  • दूसरों को सुख देना ही सच्ची महानता
  • एक समान अवसर में भी स्वभाव का अंतर

4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास

शब्दअर्थ
काँटानुकीला, चुभने वाला भाग
सुगंधअच्छी महक
आचरणव्यवहार, चाल-चलन
कुलवंश, खानदान
महानताबड़प्पन

अभ्यास:

  1. कविता से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
  2. "सुगंध" का विलोम (दुर्गंध) लिखिए।
  3. "आचरण" से अपना वाक्य बनाइए।

5. लिखित उत्तर का तरीका

  • कविता का भाव समझकर उत्तर लिखिए।
  • फूल और काँटे की तुलना स्पष्ट कीजिए।
  • "क्यों" वाले प्रश्न में कारण और सीख लिखिए।

6. रचनात्मक लेखन

विषय: "अच्छे आचरण से ही मनुष्य बड़ा बनता है" — 4-5 वाक्य लिखिए।

7. सामान्य गलतियाँ

  • गलती: यह सोचना कि ऊँचे कुल में जन्म ही बड़ाई है। सुधार: बड़ाई अच्छे आचरण से होती है।
  • गलती: फूल और काँटे के अंतर को न समझना। सुधार: काँटा चुभता है, फूल सुख देता है।
  • गलती: एक शब्द में उत्तर देना। सुधार: पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।

8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)

  1. इस कविता के कवि कौन हैं?
  2. फूल और काँटा कहाँ पलते हैं?
  3. काँटे और फूल के आचरण में क्या अंतर है?
  4. कविता क्या सीख देती है?
  5. "आचरण" शब्द का अर्थ लिखिए।

9. उत्तर-कुंजी

  1. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
  2. दोनों एक ही पौधे पर पलते हैं।
  3. काँटा दूसरों को चुभता है, जबकि फूल अपनी सुगंध से सुख देता है।
  4. बड़ाई जन्म या कुल से नहीं, अच्छे आचरण से होती है।
  5. आचरण का अर्थ है व्यवहार या चाल-चलन।

10. तेज़ दोहराव

  • विधा: कविता; कवि: 'हरिऔध'।
  • फूल और काँटा एक ही पौधे पर पलते हैं।
  • काँटा चुभता है, फूल सुगंध और सुख देता है।
  • सीख: बड़ाई जन्म से नहीं, आचरण से।
  • उत्तर भाव समझकर, पूरे वाक्यों में लिखिए।

Key formulas & results

Everything you need to memorise, in one card. Screenshot this for revision.

विधा
कविता ('हरिऔध')
फूल और काँटे की तुलना द्वारा सीख।
मुख्य भाव
बड़ाई जन्म से नहीं, आचरण से
अच्छे गुण ही महानता देते हैं।
उत्तर-शैली
तुलना + सीख स्पष्ट
काँटा चुभता है, फूल सुख देता है।
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
यह सोचना कि ऊँचे कुल में जन्म ही बड़ाई है
बड़ाई अच्छे आचरण से होती है।
WATCH OUT
फूल और काँटे का अंतर न समझना
काँटा चुभता है, फूल सुगंध और सुख देता है।
WATCH OUT
एक शब्द में उत्तर देना
पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।

Practice problems

Try each one yourself before tapping "Show solution". Active recall > rereading.

Q1EASY· बोध
इस कविता के कवि कौन हैं?
Show solution
अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
Q2EASY· बोध
फूल और काँटा कहाँ पलते हैं?
Show solution
दोनों एक ही पौधे पर पलते हैं।
Q3MEDIUM· भाव
काँटे और फूल के आचरण में क्या अंतर है?
Show solution
काँटा दूसरों को चुभता और कष्ट देता है, जबकि फूल अपनी सुगंध और सुंदरता से सबको सुख देता है।
Q4HARD· मूल्य
कविता क्या सीख देती है?
Show solution
कविता सिखाती है कि मनुष्य की बड़ाई उसके जन्म या ऊँचे कुल से नहीं, बल्कि उसके अच्छे आचरण और गुणों से होती है।
Q5EASY· शब्द
'आचरण' शब्द का अर्थ लिखिए।
Show solution
व्यवहार या चाल-चलन।
Q6MEDIUM· लेखन
'अच्छे आचरण से ही मनुष्य बड़ा बनता है' पर 4-5 वाक्य लिखिए।
Show solution
अच्छे आचरण, विनम्रता और दूसरों की भलाई के महत्व पर सरल भाषा में लिखिए।

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • 'फूल और काँटा' मल्हार का तीसरा पाठ (कविता) है।
  • कवि: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
  • फूल और काँटा एक ही पौधे पर पलते हैं।
  • काँटा चुभता है; फूल सुगंध और सुख देता है।
  • सीख: बड़ाई जन्म से नहीं, अच्छे आचरण से होती है।
  • उत्तर भाव समझकर पूरे वाक्यों में लिखिए।

CBSE marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: विद्यालय परीक्षा, नोटबुक और लेखन में 4-6 अंक

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
अति लघु12-3तथ्य, कवि या शब्द-अर्थ
लघु उत्तर2-32तुलना और भाव-बोध
लेखन30-1मूल्यपरक अनुच्छेद
Prep strategy
  • फूल और काँटे की तुलना याद कीजिए
  • कविता की सीख अपने शब्दों में लिखिए
  • नए शब्द और विलोम याद कीजिए
  • एक मूल्यपरक अनुच्छेद लिखिए

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

चरित्र-निर्माण

कविता अच्छे आचरण और गुणों के महत्व को सिखाती है।

समानता का भाव

जन्म नहीं, कर्म से बड़ाई — यह समता का संदेश देती है।

भाषा-कौशल

तुलना और भाव-अभिव्यक्ति का अभ्यास होता है।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

  1. फूल और काँटे की तुलना स्पष्ट लिखिए
  2. कविता की सीख अवश्य बताइए
  3. उत्तर पूरे वाक्यों में दीजिए
  4. शब्द-अर्थ और विलोम सही लिखिए

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

  • 'हरिऔध' की एक और रचना का नाम लिखिए।
  • अच्छे आचरण पर अपनी चार पंक्तियाँ लिखिए।

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE कक्षा 7 विद्यालय मूल्यांकनHigh
कक्षा 7 हिंदी ओलंपियाड / सस्वर पाठMedium
नोटबुक और लेखन मूल्यांकनHigh

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

मनुष्य की महानता उसके जन्म या कुल से नहीं, बल्कि उसके अच्छे आचरण और गुणों से तय होती है।

क्योंकि समान अवसर पाकर भी दोनों का स्वभाव और आचरण अलग है — काँटा कष्ट देता है, फूल सुख।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 2 June 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
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